फिर सावन की झड़ी लगी है
पास नहीं हो तुम,
छम -छम-छम
मस्त-मधुर सी
पावन सरगम
देखो कितनी बड़ी लगी है।
पास नहीं हो तुम॥
चंदा आने वाला है
सूरज जाने वाला है
साँझ ढले काला बादल
मतवाला हो छाने वाला है
बात देखने घडी लगी है।
पास नहीं हो तुम॥
जागी ,जाgii ,सोई, सॉई
रात लगे है रोई ,रोई
बगिया लगती खाली -खाली
खोया -खोया है वनमाली
नैनो में ek ladi लगी है ।
पास नहीं हो तुम॥
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